स्विट्जरलैंड वार्ता में बढ़ा तनाव! ट्रंप की चेतावनी पर भड़का ईरान, बैठक छोड़कर निकला प्रतिनिधिमंडल; बोला- हमारी सेना जवाब देने को तैयार

जेनेवा: अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक बातचीत पहले ही दिन गंभीर तनाव का शिकार होती दिखाई दी। स्विट्जरलैंड के जेनेवा में चल रही वार्ता के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक सख्त टिप्पणी के बाद माहौल अचानक गर्मा गया। ईरान ने ट्रंप के बयान पर कड़ा विरोध दर्ज कराया और खबरों के मुताबिक उसका प्रतिनिधिमंडल बैठक के बीच से बाहर निकल गया।

बताया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच हाल में हुए समझौता ज्ञापन को आगे बढ़ाने और कई लंबित मुद्दों पर चर्चा के लिए यह बैठक आयोजित की गई थी। लेकिन वार्ता के दौरान आई राजनीतिक तल्खी ने बातचीत की दिशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ट्रंप की चेतावनी से बढ़ा विवाद

रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि यदि ईरान अपने सहयोगी संगठनों को नहीं रोकता है तो अमेरिका पहले से भी बड़ा सैन्य कदम उठा सकता है। ट्रंप की इस टिप्पणी के बाद ईरान की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया सामने आई और इसे धमकी भरी भाषा करार दिया गया।

ईरान ने दिया तीखा जवाब

ईरान की संसद के स्पीकर और वार्ता से जुड़े वरिष्ठ नेता मोहम्मद बाघेर गलीबाफ ने अमेरिकी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि धमकियों से ईरान की नीति नहीं बदलने वाली। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी रणनीति प्रभावी होती तो अमेरिका आज मौजूदा हालात का सामना नहीं कर रहा होता। उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी सेना किसी भी परिस्थिति का जवाब देने के लिए तैयार है।

बैठक छोड़ने की खबर से बढ़ी अटकलें

सूत्रों के मुताबिक ट्रंप के बयान पर नाराजगी जताते हुए ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने बैठक कक्ष में विरोध दर्ज कराया और बाद में बाहर निकल गया। हालांकि दोनों पक्षों के बीच लगभग 82 मिनट तक बातचीत भी हुई। इस घटनाक्रम के बाद मध्यस्थ देशों की ओर से माहौल सामान्य बनाने की कोशिशें की गईं।

पहले दौर में किन मुद्दों पर हुई चर्चा

वार्ता के शुरुआती चरण में ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों की वापसी और ऊर्जा क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों में संभावित राहत जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। ईरानी पक्ष का दावा है कि तेल क्षेत्र से जुड़े कुछ प्रतिबंधों में राहत देने के मसौदे को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रगति हुई है।

इसके अलावा कतर में रोकी गई ईरान की छह अरब डॉलर की राशि को वापस करने का मुद्दा भी चर्चा का हिस्सा रहा। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की ओर से संकेत दिया गया कि दोनों देशों के संबंधों में नई शुरुआत की संभावनाओं पर बातचीत हुई है।

परमाणु कार्यक्रम बना सबसे बड़ा विवाद

अमेरिका और ईरान के बीच सबसे बड़ा मतभेद परमाणु कार्यक्रम को लेकर बना हुआ है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देगा। वहीं ईरान ने भी दो टूक कहा है कि वह अपने परमाणु और वैज्ञानिक विकास के अधिकार से पीछे नहीं हटेगा।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि उनका देश दबाव, धमकी या अपमान के आगे झुकने वाला नहीं है और राष्ट्रीय विकास के अधिकार पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

अगले दौर की वार्ता पर संशय

ट्रंप के बयान के बाद वार्ता के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। ईरान के सरकारी मीडिया में बातचीत के मुश्किल दौर में पहुंचने की बात कही गई है। हालांकि कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने आधिकारिक तौर पर वार्ता छोड़ने का संकेत नहीं दिया है और मध्यस्थों के साथ संपर्क बनाए हुए है।

इस बीच क्षेत्रीय तनाव भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में अपनी सैन्य मौजूदगी को लेकर सख्त रुख बरकरार रखा है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया की स्थिति पर वैश्विक नजरें टिकी हुई हैं।

 

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